कोरबा। कोरबा जिले के करतला जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े घोटाले के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि अधूरे मकानों को ऑनलाइन रिकॉर्ड में पूर्ण दिखाकर फर्जी जियो टैगिंग की गई और हितग्राहियों के नाम पर पूरी राशि आहरित कर ली गई।
ग्रामीणों का दावा है कि कई जगह दूसरे हितग्राहियों के मकानों की तस्वीरें उठाकर पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए। जमीनी हकीकत और पोर्टल का डाटा एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहा।
वहीं दूसरे ग्रामीण ने कहा है कि ग्राम पंचायत में अपात्र हितगहियों को पात्र बनाया जा रहा है जबकि वास्तविक पात्र हितग्राही को आवास का लाभ नहीं मिल रहा है।
सूत्रों के मुताबिक आवास मित्रों और रोजगार सहायकों पर जनपद से “प्रोग्रेस बढ़ाने” का दबाव बनाया जा रहा है। इसी दबाव में आकर उन्होंने बिना भौतिक सत्यापन के फर्जी जियो टैग कर दिए। एक आवास मित्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया “ऊपर से कहा जा रहा है कि टारगेट पूरा करो, इसलिए दूसरे के घर की फोटो भी चढ़ानी पड़ रही है।”
ग्रामीणों का सवाल है कि ये लापरवाही है या सुनियोजित खेल क्या पूरे ब्लॉक में इसी तरह भ्रष्टाचार चल रहा है?
वहीं सरपंच सचिव से चर्चा करने पर कहा गया कि सभी को समान रूप से दिया जा रहा है पात्र अपात्र की श्रेणी की छटनी नहीं की जा रही है
वहीं चर्चा पर यह भी कहा कि अगर श्रेणी की छटनी की जाती है और तो भविष्य में हमारी राजनीतिक कैरियर में प्रभाव पड़ेगा
इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार द्वारा पात्र अपात्र की श्रेणी को हटा दी जाए और सबका साथ सबका विकास के नारा दिया उसे लागू कर दिया जाए
मामले को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर और CEO जिला पंचायत से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

