रोजगार सहायक पर फर्जी जिओ टैगिंग का आरोप, आवास हितग्राही ने कहा- बिना सहमति बदला नाम
कोरबा। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में कोरबा जिले की ग्राम पंचायत नकटीखार से बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां पिता के नाम पर स्वीकृत आवास को बिना जानकारी के पुत्र के नाम ट्रांसफर कर दिया गया और फर्जी तरीके से जिओ टैगिंग करके राशि निकाल ली गई।
पीड़ित हितग्राही और उनके पुत्र का आरोप है कि रोजगार सहायक ने बैंक खाता लिंक करने के बहाने पुत्र का खाता पत्र लिया था। लेकिन अब पोर्टल में आवास पुत्र के नाम पर स्वीकृत दिखाया जा रहा है। जब इस संबंध में रोजगार सहायक से बात की गई तो उन्होंने नाम ट्रांसफर को “हितग्राही की सहमति” से होना बताया और आरोपों से इनकार करते हुए आवास मित्र के द्वारा जियोटेक करने की बात कही है।
वहीं हितग्राही और पुत्र का कहना है कि उन्होंने आवास ट्रांसफर के लिए किसी भी प्रकार की सहमति नहीं दी है। उनका कहना है कि आवास उनके पिता के नाम से ही स्वीकृत हुआ था।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि मौके पर आवास निर्माण नहीं हुआ है, इसके बावजूद जिओ टैग कर दिया गया है। इससे साफ है कि सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने जनपद पंचायत और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषी रोजगार सहायक पर कड़ी कार्यवाही और आवास को पुनः वास्तविक हितग्राही के नाम पर करने की मांग उठाई है।
फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में जांच की बात कह रहे हैं।

