कोरबा। जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा में एक बार फिर घमासान मच गया है। CEO भूपेंद्र कुमार सोनवानी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जनपद सदस्यों और भाजपा नेताओं ने पंचायत मंत्री रामविचार नेताम से मुलाकात की।
दल ने मंत्री को ज्ञापन देकर मांग की कि सूरजपुर ट्रांसफर हो चुके सोनवानी को पोड़ी-उपरोड़ा से तत्काल रिलीव किया जाए।
कमीशनखोरी का आरोप, पहले भी हो चुका विरोध
जनपद सदस्यों का आरोप है कि सोनवानी सरपंच, सचिव और सदस्यों से हर काम के बदले 3 से 4 फीसदी कमीशन मांगते हैं। इसकी शिकायत पहले जिला प्रशासन से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला शासन तक पहुंचा।
नाराजगी इतनी बढ़ी कि कुछ दिन पहले सदस्यों ने जनपद कार्यालय में ताला भी जड़ दिया था। इस हड़ताल की खबर रायपुर तक पहुंची और शासन ने सोनवानी का तबादला सूरजपुर कर दिया। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी उन्हें रिलीव नहीं किया गया, जिससे जनप्रतिनिधियों में फिर आक्रोश है।
मंत्री ने दिया भरोसा, कहा- होगी कार्रवाई
मंत्री रामविचार नेताम से मिले प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मंत्री ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि सोनवानी को तुरंत रिलीव करने के लिए प्रशासन को निर्देश दिए जाएंगे।
*”डडसेना को वापस लाओ” की मांग*
इस दौरान नेताओं ने पूर्व CEO डडसेना की तारीफ करते हुए उन्हें फिर से पोड़ी-उपरोड़ा में पदस्थ करने की मांग भी की। सदस्यों ने कहा कि डडसेना जनप्रतिनिधियों की बात सुनते थे और पारदर्शिता से काम करते थे। वहीं सोनवानी के कार्यकाल में भ्रष्टाचार बढ़ा है और भाजपा सरकार की छवि खराब हो रही है।
कौन-कौन रहा मौजूद
ज्ञापन सौंपने वालों में जनपद अध्यक्ष माधुरी देवी, सरपंच संघ अध्यक्ष प्रताप सिंह मरावी, जनपद सदस्य आयुष सिंह, मथुरा पाटले, संतोष मरावी, सरस्वती देवी, पूजा दुबे, भाजपा मंडल अध्यक्ष सोहन सिंह कोराम और वार्ड क्रमांक 11, 15, 17, 19 के सदस्य शामिल रहे।

