कोरबा/रायपुर : जापान के आइची-नागोया में चल रहे 20वें एशियन गेम्स 2026 में भारत ने एक और स्वर्ण अपने नाम कर लिया है। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी ईरान को रोमांचक मुकाबले में हराकर गोल्ड मेडल जीता। इस ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी नायकों में से एक हैं – कोरबा जिले के पाली ब्लॉक के छोटे से गांव केराकछार की बेटी संजू देवी (संजू यादव)।
CM साय ने फोन पर दी बधाई, कहा – पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित

स्वर्ण जीत की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संजू देवी से फोन पर आत्मीय बातचीत की।
CM साय ने कहा, _”संजू ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और खेल कौशल से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। केराकछार जैसे छोटे से गांव से निकलकर राष्ट्रीय टीम और फिर एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंचना, उनके संघर्ष की कहानी है।”_
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी जो गांव, आदिवासी अंचलों और छोटे शहरों में खेल का सपना देखती हैं। प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधा देने के लिए लगातार काम कर रही है। इस दौरान छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया भी मौजूद रहे।
कौन हैं संजू देवी? – मजदूर की बेटी से गोल्डन गर्ल तक का सफर
संजू का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
– जन्म: 19 दिसंबर 2002
– निवास: ग्राम केराकछार, पाली ब्लॉक, जिला कोरबा
– परिवार: पिता श्री रामजी यादव ड्राइवर व दैनिक मजदूरी करते हैं, माता श्रीमती अमरिका बाई गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद साधारण।
– शुरुआत: कक्षा 5वीं में गांव के सरकारी स्कूल में कबड्डी खेलना शुरू किया। गांव की मिट्टी में ही रेड करना सीखा।
– गुरु: जिला कबड्डी संघ के कोच अनुज प्रताप सिंह ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और तराशा।
– वर्तमान प्रशिक्षण: बहतराई बालिका आवासीय खेल अकादमी, बिलासपुर।
– शिक्षा: शास. महाविद्यालय कटघोरा से कॉलेज और ITI की पढ़ाई पूरी की।
– भूमिका: टीम में मुख्य रेडर।
एशियन गेम्स में संजू का जलवा
संजू सिर्फ टीम में शामिल नहीं थीं, उन्होंने हर मैच में अहम भूमिका निभाई –
– लीग मैच (भारत vs बांग्लादेश 42-21): संजू के लगातार सफल रेड ने भारत को बड़ी जीत दिलाई।
– सेमीफाइनल (भारत vs नेपाल 48-24): यहां भी उनके रेड निर्णायक साबित हुए।
– फाइनल (भारत vs ईरान): दबाव वाले फाइनल में संजू ने अपनी रेड से ईरानी डिफेंस को तोड़ा और भारत को स्वर्ण तक पहुंचाया।
यह उनका पहला एशियन गेम्स नहीं है, इससे पहले 2025 में ढाका, बांग्लादेश में हुए महिला कबड्डी वर्ल्ड कप में भी संजू भारतीय स्वर्ण विजेता टीम का हिस्सा थीं। 12 सदस्यीय भारतीय टीम में उनका चयन ही उनकी प्रतिभा का सबूत है।
कोरबा में जश्न का माहौल
खबर मिलते ही केराकछार गांव में जश्न शुरू हो गया है। गांव वाले ढोल-नगाड़े के साथ संजू के घर पहुंच रहे हैं। जिला प्रशासन ने भी संजू के परिवार को सम्मानित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
संजू की यह जीत बताती है कि अगर हौसला हो तो कोरबा के छोटे से गांव से भी एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंचा जा सकता है।
करतला टाइम्स परिवार की ओर से कोरबा की बेटी संजू देवी को बहुत-बहुत बधाई








