रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।
विजय शर्मा ने पत्र में आवास प्लस 2.0 सर्वे के दौरान सामने आई तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं का उल्लेख किया। उन्होंने आग्रह किया कि सर्वे से छूटे पात्र हितग्राहियों को योजना में शामिल किया जाए और भारत सरकार इस संबंध में आवश्यक निर्णय लेकर पहल करे।
क्या है पूरा मामला?
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 24 जून को प्रदेशभर की ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की पात्रता सूची प्रस्तुत की गई थी। इस दौरान 2 बड़ी समस्याएं सामने आईं:
1. पलायन के कारण छूटे: सर्वे के समय कई पात्र परिवार रोजगार या अन्य कारणों से गांव में मौजूद नहीं थे। इसलिए उनका सर्वे नहीं हो सका और नाम सूची में नहीं जुड़ पाया।
2. तकनीकी गड़बड़ी: कुछ परिवारों का सर्वे तो हुआ, लेकिन पोर्टल पर डेटा अपडेट न होने के कारण उनकी जानकारी ग्राम सभा में प्रदर्शित नहीं हो पाई।
विजय शर्मा ने कहा कि इन कारणों से प्रदेश के बड़ी संख्या में पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित रह गए हैं।
शिवराज के आश्वासन का दिया हवाला
पत्र में विजय शर्मा ने राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिए गए आश्वासन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा था कि “प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित नहीं रहेगा”।
उपमुख्यमंत्री ने सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत* के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है।
केंद्र से की ये मांग
विजय शर्मा ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि इस समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार स्तर पर शीघ्र निर्णय लिया जाए और उचित पहल की जाए, ताकि छत्तीसगढ़ का कोई भी पात्र परिवार PM आवास योजना के लाभ से वंचित न रहे।

