कोरबा। जिले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा 13 जुलाई 2026 को जारी स्थानांतरण आदेश में आरक्षक पुरुषोत्तम लाल मुखर्जी का नाम भी शामिल है। आदेश के अनुसार उन्हें उरगा थाना से स्थानांतरित किया गया था, लेकिन स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि वे अब भी उरगा थाना क्षेत्र में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब स्थानांतरण आदेश स्पष्ट रूप से जारी हो चुका है, तो आखिर नई पदस्थापना में योगदान क्यों नहीं दिया गया? क्या प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी है, या फिर इसके पीछे कोई और वजह?
ऐसे में स्थानांतरण आदेश के बावजूद किसी कर्मचारी के पुराने स्थान पर बने रहने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि इन आरोपों और चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अब देखना होगा कि पुलिस विभाग इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और स्थानांतरण आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

