कोरबा। जनपद पंचायत करतला के ग्राम पंचायत पहाड़गांव में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर की गई पड़ताल में यह सामने आया है कि कुछ ऐसे आवासों की भी जियो टैगिंग कर दी गई है जो अभी पूरे नहीं बने हैं।
ग्राम पंचायत पहाड़गांव में सरपंच अमेरिका बाई कंवर हैं और उनके पति भोजराम कंवर रोजगार सहायक के पद पर काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत बने मकानों की जमीनी हकीकत और पोर्टल पर अपलोड जानकारी में फर्क है।
जांच में हितग्राही तिहारू गोस्वामी CH ID-117400878 का मामला सामने आया। रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2024-25 में स्वीकृत उनका आवास अभी बन रहा है, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम में उसे पूर्ण दिखाया गया है। मौके पर जाकर देखने पर भी निर्माण कार्य अधूरा मिला।

इसी तरह बद्री सिंह कंवर CH ID-117406071 के मकान को लेकर भी आपत्ति है। बताया जा रहा है कि उनका घर अभी नींव स्तर पर ही है, जबकि पोर्टल पर किसी दूसरे बने हुए मकान की तस्वीरें अपलोड हैं। इस मामले में प्रशासन ने रिकवरी का नोटिस भी भेजा है

स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि आवास निर्माण से जुड़ी मनरेगा मजदूरी के भुगतान में भी गड़बड़ी हुई है। कई लाभार्थियों को पूरा पैसा नहीं मिला। ऐसे आरोप सिर्फ पहाड़गांव में ही नहीं बल्कि आश्रित ग्राम चुहिया से भी आ रहे हैं।
इस विषय पर रोजगार सहायक भोजराम कंवर से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं हो पाई। आवास मित्र राहुल ने कहा कि उन्होंने करीब एक महीने पहले ही काम छोड़ दिया था, लेकिन इसकी लिखित जानकारी पंचायत को नहीं दी गई।
फिलहाल मीडियाकर्मी इस मामले की और जानकारी जुटा रहे हैं। देखना होगा कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर क्या कार्रवाई करता है। अगर आरोप सही साबित होते हैं तो पीएम आवास योजना के अमल में बड़ी लापरवाही मानी जाएगी।

