जिला पंचायत CEO प्रतीक जैन के आने के बाद पुराने घोटाले की फाइल फिर खुली, श्यांग-लेमरू के आवासों की भौतिक जांच की मांग
कोरबा, 22 अगस्त 2026 (करतला टाइम्स): प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में कथित अवैध वसूली और फर्जी जियो टैगिंग का मामला एक बार फिर गरमा गया है। जनपद पंचायत कोरबा के सभापति नंदकुमार कंवर ने इस मामले की पुनः जांच के लिए जिला पंचायत सीईओ को पत्र लिखा है।
जिला पंचायत में नए सीईओ के रूप में तेज-तर्रार अधिकारी प्रतीक जैन की पदस्थापना के बाद इस चर्चित मामले में कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
जनपद सभापति द्वारा 21 अगस्त को लिखे पत्र के अनुसार, जनपद पंचायत कोरबा में ब्लॉक समन्वयक का पद रिक्त होने पर तकनीकी सहायक अभिषेक चौरसिया को प्रभारी ब्लॉक समन्वयक का प्रभार दिया गया था। आरोप है कि प्रभार के दौरान उन्होंने आवास मित्रों और रोजगार सहायकों पर दबाव बनाकर प्रगति के नाम पर फर्जी जियो टैग करवाए और हितग्राहियों से आधी-आधी राशि की वसूली की।
इस पूरे मामले का खुलासा ग्राम पंचायत श्यांग के एक युवक द्वारा बनाए गए एक वायरल वीडियो से हुआ था, जिसमें रोजगार सहायक और तत्कालीन प्रभारी समन्वयक के बीच कथित लेन-देन की बातचीत सामने आई थी।
सभापति का आरोप है कि पिछली जांच में इस मामले में लीपापोती कर दी गई थी और छोटे कर्मचारियों को दंडित कर मुख्य जिम्मेदार को क्लीन चिट दे दी गई थी। पत्र में उल्लेख है कि विशेष रूप से पिछड़े ग्राम पंचायतों – *श्यांग, लेमरू, लबेद, गिरारी, अमलडीहा, चिर्रा और नकिया* में कई गरीब हितग्राहियों के आवास कागजों में पूर्ण दिखाए गए हैं, जबकि मौके पर वे अपूर्ण या अप्रारंभ हैं।
श्यांग-लेमरू में करोड़ों के घोटाले का आरोप
पत्र में ग्राम पंचायत लेमरू में आवास मित्र के साथ मिलकर करोड़ों की राशि के घोटाले का भी आरोप लगाया गया है। सभापति ने मांग की है कि वायरल वीडियो की दोबारा निष्पक्ष जांच कराई जाए और उक्त 7 ग्राम पंचायतों के आवासों की वास्तविक भौतिक सत्यापन कर दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए पद से पृथक किया जाए।








