कोरबा। बालको थाना पुलिस ने हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे और पैरोल पर फरार हुए एक दोषी को करीब 6 साल बाद गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2007 में परसाभाठा में दरोगा कुर्मे की हत्या के मामले में पुत्र देवानंद कुर्मे और सूरज कुर्मे को दोषी ठहराकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। दोनों को 2020 में पैरोल पर रिहा किया गया था। उन्हें 1 मई 2020 तक जेल में आत्मसमर्पण करना था, लेकिन दोनों फरार हो गए थे।
एसपी सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर चलाए गए अभियान में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने देवानंद कुर्मे को उसके घर से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। देवानंद ने बताया कि फरारी के दौरान वह कोरबा के एक औद्योगिक संयंत्र में संचालित ठेका कंपनी में नौकरी कर रहा था। नौकरी के लिए उसने जरूरी दस्तावेज भी जमा किए थे।
पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। दूसरे फरार दोषी सूरज कुर्मे की तलाश जारी है।
इस घटना के बाद औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

