*कोरबा/जांजगीर-चांपा, 05 मई 2026*
उरगा थाना क्षेत्र के उमरेली गांव के युवक जगदीश प्रजापति की हत्या का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शादी में शामिल होने ससुराल पहुंचा युवक लापता हो गया और 3 दिन बाद जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र के खरखोद गांव में उसकी सड़ी-गली लाश मिली। पामगढ़ पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम
*29 अप्रैल 2026:* जगदीश प्रजापति परिवार के साथ उमरेली से ससुराल खरखोद गांव शादी समारोह में शामिल होने गया था। घर में हल्दी की रस्म चल रही थी।
*रात 11:45 बजे:* जगदीश के छोटे भाई कालेश्वर के पास पत्नी दिव्या प्रजापति का फोन आया। आरोप है कि उसने कहा, “तुम्हारे भाई को मरवा दूंगी, झगड़ा कर रहा है… कल समाज को लेकर हमारे गांव आना।” परिजनों के पास 1 मिनट 22 सेकंड की कॉल का स्क्रीनशॉट मौजूद है, रिकॉर्डिंग नहीं।
*30 अप्रैल, सुबह 11 बजे:* जगदीश के पिता को फोन कर बताया गया कि “आपका बेटा घर में नहीं है, आकर खोजने में मदद करें।” परिजन दोपहर 1 बजे खरखोद पहुंचे। 1 साल का नाती घर पर मिला, लेकिन जगदीश का कोई सुराग नहीं।
*1 मई:* सोशल मीडिया पर बैनर वायरल हुआ कि “जगदीश प्रजापति अपने बच्चे के साथ लापता है।” जबकि बच्चा घर पर सुरक्षित था। इससे शक गहरा गया।
*3 मई:* परिजन उरगा थाना पहुंचे, वहां से पामगढ़ थाना भेजा गया। रास्ते में ही सिवनी-चांपा के पास पुलिस का फोन आया – शाम 4 बजे खबर मिली कि “आपका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है।”
खरखोद में मिली लाश
शादी वाले घर से 300-500 मीटर दूर जगदीश की लाश पड़ी मिली। शव सड़ चुका था, जिससे अंदाजा है कि हत्या 29 या 30 अप्रैल की रात ही हुई थी।
पोस्टमार्टम के नाम पर वसूली का आरोप
परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम के दौरान उनसे 7000 रुपये मांगे गए। सवाल करने पर जवाब मिला कि “अस्पताल शासकीय है, लेकिन कर्मचारी प्राइवेट हैं, इसलिए शुल्क देना पड़ेगा।” इस पर सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
अंतिम संस्कार उमरेली गांव में किया गया, जिसमें ससुराल पक्ष भी शामिल हुआ। फिलहाल पामगढ़ पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। पत्नी दिव्या प्रजापति से पूछताछ जारी है और जल्द खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।

