कोरबा, 29 सितंबर 2026 मुड़ापार के नवधापारा की रहने वाली राधिका महंत का 18 माह का बेटा आकाश कुछ महीने पहले तक लगातार कमजोर हो रहा था। वजन घट रहा था, बार-बार तेज बुखार और चिड़चिड़ापन। गरीब परिवार के लिए निजी अस्पताल में इलाज कराना बस से बाहर था।
तभी मितानिन की सलाह पर राधिका उसे जिला अस्पताल लेकर आई। शिशु रोग विशेषज्ञ ने 4-5 दिन के प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला चिकित्सालय स्थित *पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC), GMC कोरबा* में भर्ती करने की सलाह दी।
*NRC में 14 दिन में बदली जिंदगी
NRC में आकाश को डॉक्टरों की निगरानी में दवाइयां, थेरेपी और जरूरत के हिसाब से विशेष पौष्टिक आहार दिया गया। इस दौरान मां राधिका के रहने और खाने की पूरी व्यवस्था भी निःशुल्क की गई।
नियमित देखभाल से आकाश का बुखार उतरा, वजन बढ़ा और वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया। आज वह फिर से खेलता-कूदता है।
राधिका कहती हैं – _”NRC में मेरे बेटे को समय पर इलाज और पौष्टिक भोजन मिला। मेरे रहने-खाने का भी कोई पैसा नहीं लगा। बेटे को फिर से हंसता-खेलता देखकर बहुत खुशी हो रही है।”_
उपचार के बाद राधिका को शासन की ओर से *2200 रुपये की क्षतिपूर्ति सहायता राशि* भी दी गई, जिससे परिवार को आने-जाने और अन्य खर्चों में मदद मिली।
राधिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह केंद्र गरीब परिवारों के कमजोर बच्चों के लिए वरदान है।
*अपील -* स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि यदि बच्चे का वजन नहीं बढ़ रहा है, बार-बार बीमार पड़ रहा है तो नजदीकी मितानिन या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर NRC का लाभ लें।









