कोरबा-बांकीमोंगरा। बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में जमीन के सीमांकन प्रतिवेदन में छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। इस मामले में 3 राजस्व अधिकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अधीक्षक भू अभिलेख जेपी सिंह पहले ही जेल में हैं।
यह मामला 2016 का है, जब रामकरण अग्रवाल की जमीन का सीमांकन किया गया था। आरोप है कि सीमांकन प्रतिवेदन में दिनेश अग्रवाल के अवैध कब्जे का रकबा शून्य कर दिया गया था, जिससे उन्हें लाभ पहुंचाया जा सके।
पीड़ित पक्ष ने पुलिस में शिकायत की, जिसके बाद 2018 में मामला दर्ज किया गया था। अब उच्च न्यायालय के निर्देश पर 3 अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है।
क्या है मामला?
रामकरण अग्रवाल की जमीन बांकी चौक मुख्य मार्ग पर स्थित है, जिस पर दिनेश अग्रवाल सहित 13 अन्य व्यापारियों के द्वारा कब्जा कर लिया गया था। रामकरण अग्रवाल के द्वारा कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देकर अपने भूमि का नाप सीमांकन जिला स्तरीय सीमांकन टीम से कराए जाने बाबत निवेदन किया था।
कैसे हुआ घोटाला?
सीमांकन दल ने विवादित भूमि का सीमांकन किया और सभी अवैध कब्जेदारों के नाम एवं अवैध कब्जे का रकबा सीमांकन प्रतिवेदन में अंकित किया। लेकिन बाद में दिनेश अग्रवाल के प्रभाव में आकर सीमांकन दल ने रकबा शून्य कर दिया।
क्या है कार्रवाई?
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर थाना बाकी मोगरा के द्वारा उपरोक्त सभी के विरुद्ध वर्ष 2018 में धारा 420, 467, 468, 471 के तहत अपराध दर्ज किया गया। अधीक्षक भू अभिलेख जेपी सिंह को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। अब 3 अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

