कोरबा। जिले के अजगरबहार क्षेत्र अंतर्गत *ग्राम पंचायत देवपहरी में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से जुड़ा मामला अब तूल पकड़ने लगा है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं पंचायत राज अधिनियम के विहित प्राधिकारी ने भाजपा से जुड़े एक पदाधिकारी सह ठेकेदार को राशि वसूली का नोटिस जारी किया है।
मामला क्या है?
जारी दस्तावेज के अनुसार देवपहरी पंचायत के ठेकेदार हरीशंकर यादव को पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 92(4) के तहत कारण बताओ सूचना जारी की गई है। हरीशंकर यादव क्षेत्र में भाजपा के मंडल अध्यक्ष भी बताए जाते हैं।
नोटिस में उल्लेख है कि PM आवास योजना ग्रामीण के तहत देवपहरी के कुछ हितग्राहियों के आवास निर्माण की जिम्मेदारी ठेकेदार ने ली थी। लेकिन निर्धारित समय में कई हितग्राहियों के मकानों का निर्माण शुरू नहीं कराया गया।
8 हितग्राहियों के मकान अधूरे
जनपद पंचायत कोरबा के पत्र क्रमांक 12534/2026 दिनांक 30 अप्रैल 2026 के आधार पर बताया गया कि ठेकेदार ने नोटरी शपथपत्र देकर समय पर निर्माण कराने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद 8 हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुए। इससे हितग्राहियों को परेशानी हुई और शासन की महत्वाकांक्षी योजना प्रभावित हुई।
3 लाख 20 हजार की वसूली प्रस्तावित
दस्तावेज में तथ्यों के आधार पर संबंधित ठेकेदार से 3 लाख 20 हजार रुपये की राशि वसूली योग्य मानी गई है। इसके लिए धारा 92 के तहत वसूली एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जेल का भी प्रावधान
नोटिस में धारा 92(2) का हवाला देते हुए कहा गया है कि यदि संबंधित व्यक्ति आदेश का पालन नहीं करता या राशि जमा नहीं करता, तो विधि अनुसार गिरफ्तारी और 30 दिन तक सिविल जेल* भेजे जाने का प्रावधान भी है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
यह मामला चर्चा में है क्योंकि संबंधित व्यक्ति भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण पद पर है। क्षेत्र में सवाल उठ रहा है कि यदि आवास योजना के हितग्राहियों को समय पर लाभ नहीं मिला तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी? क्या यह मामला केवल वसूली तक सीमित रहेगा या आगे और जांच होगी?

