कोरबा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में कोरबा जिले के कोरबा विकासखंड की ग्राम पंचायत तिलकेजा एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। पहले अपात्र हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किए जाने के आरोप लगे थे, वहीं अब आवास निर्माण में फर्जी मास्टर रोल तैयार कर मजदूरी राशि के कथित गबन का मामला सामने आने से पंचायत में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, हितग्राही चमरू सिंह पिता छबिलाल (CH-2876436) के प्रधानमंत्री आवास को सरकारी रिकॉर्ड में 13 नवंबर 2025 को पूर्ण दर्शा दिया गया है, जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर आवास अभी भी अधूरा है। इसके बावजूद हितग्राही को प्रथम किस्त 17 सितंबर 2024 को 40 हजार रुपये, दूसरी किस्त 27 जनवरी 2025 को 55 हजार रुपये तथा तीसरी किस्त 8 जनवरी 2026 को 25 हजार रुपये जारी कर दी गई।

ग्रामीणों का आरोप है कि अधूरे आवास को पूरा दिखाने के साथ-साथ निर्माण कार्य में फर्जी मास्टर रोल तैयार कर मनरेगा मजदूरी का भुगतान भी दर्शाया गया। आरोप है कि जिन लोगों ने काम ही नहीं किया, उनके नाम से हाजिरी भरकर मजदूरी राशि निकाल ली गई।
हितग्राही चमरू सिंह ने चर्चा के दौरान बताया कि आवास निर्माण के दौरान रोजगार सहायक और फोटो खींचने वाले कर्मचारी आए थे, लेकिन उन्हें मजदूरी भुगतान या उनके नाम से किसी मास्टर रोल के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई जॉब कार्ड धारकों के नाम पर बिना काम किए 20 से 25 दिनों की हाजिरी दर्ज कर राशि का भुगतान दिखाया गया। उनका दावा है कि जॉब कार्ड उनके पास ही सुरक्षित हैं और उन्होंने संबंधित आवास में कोई मजदूरी नहीं की।
लगातार सामने आ रहे इन आरोपों के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर फर्जी मास्टर रोल, अधूरे आवास को पूर्ण दर्शाने तथा मजदूरी भुगतान में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

