कोरबा: //जिला पंचायत कोरबा में सोमवार को बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया। जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह और सदस्यों ने CEO दिनेश नाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिला पंचायत परिसर के मुख्य द्वार पर सांकेतिक धरना दिया। जनप्रतिनिधियों ने जमकर नारेबाजी की और CEO पर महिला जनप्रतिनिधियों से अभद्र व्यवहार और “5 प्रतिशत कमीशनखोरी” जैसे गंभीर आरोप लगाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिला पंचायत में अफसरशाही हावी हो गई है और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की लगातार अनदेखी की जा रही है। इसी नाराजगी में जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह ने जिला खनिज न्यास (DMF) समिति की बैठक का बहिष्कार कर दिया। वे समिति के सदस्य हैं, लेकिन CEO के रवैये से नाराज होकर बैठक में शामिल नहीं हुए।
इसी दौरान DMF समिति की बैठक में शामिल होने पहुंचे प्रदेश के उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बैठक के बाद जिला पंचायत कार्यालय पहुंचकर अध्यक्ष पवन सिंह और अन्य सदस्यों से चर्चा की। मंत्री ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद मीडिया से कहा कि CEO का कार्य व्यवहार ठीक नहीं है।
मंत्री देवांगन ने कहा कि CEO, अध्यक्ष का सचिव होता है और उसे जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर काम करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि डेढ़-दो साल में CEO कभी अध्यक्ष के चेंबर तक नहीं गए और बैठक में बुलाने पर भी नहीं पहुंचे। मंत्री ने कहा कि “जिला पंचायत CEO में अफसरशाही हावी है।”
मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले पर चर्चा करेंगे। यदि स्थिति नहीं सुधरी तो शासन स्तर पर CEO दिनेश नाग को हटाने की कार्रवाई भी हो सकती है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह और अन्य सदस्यों ने कहा कि वे वर्तमान CEO को कोरबा से हटाने की मांग पर अड़े हैं। उनका आरोप है कि CEO का व्यवहार लगातार असहयोगपूर्ण और अपमानजनक रहा है,

