रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र शनिवार देर रात 2:30 बजे संपन्न हो गया। सत्र के अंतिम दिन विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव मतदान में 54-36 के अंतर से गिर गया।
सदन में जहां एक ओर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, वहीं दूसरी ओर कई मौकों पर हंसी-ठिठोली और चुटीले तंज भी देखने को मिले।
अविश्वास प्रस्ताव पर मंथन
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ा है और कानून व्यवस्था बिगड़ी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को आंकड़ों के साथ घेरने का प्रयास किया।
जवाब में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि _”यदि झूठ बोलने पर पीएचडी होती, तो कांग्रेस उसमें प्रथम स्थान पर होती”_। बघेल ने इस पर आपत्ति जताते हुए आंकड़े पटल पर रखने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने हस्तक्षेप कर कहा कि मुख्यमंत्री तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत कर रहे हैं।
सदन में गूंजे ये चर्चित संवाद
1. छुरी” पर टकराव*: नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के “छुरी” वाले बयान पर अजय चंद्राकर ने कहा – _”छुरी में धार रखिएगा, आगे काम आएगी”_। महंत ने पलटवार करते हुए कहा – _”मैं छुरी आगे से चलाता हूं, पीछे से नहीं”_।
2. *”बोरे-बासी” और “रेट” का जिक्र*: भाजपा विधायक *राजेश मूणत* ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा – _”उस समय हर ठेके का रेट था। 9 करोड़ रुपये का 2000 रुपये प्रति प्लेट बोरे-बासी खाया गया”_। इस पर कांग्रेस विधायक *रामकुमार यादव* ने _”राम मंदिर चंदे”_ का मुद्दा उठाया।
3. *हसदेव पर सफाई*: वन मंत्री *केदार कश्यप* ने दस्तावेजों के साथ कहा कि हसदेव कोल ब्लॉक तत्कालीन केंद्रीय मंत्री *जयराम रमेश* के कार्यकाल में आवंटित हुआ था।
4. *कृषि पर सवाल*: बघेल द्वारा कृषि मंत्री *रामविचार नेताम* से उर्वरक के औसत उपयोग पर पूछे गए सवाल पर सदन में ठहाके लगे।
5. *”भावना” पर मुस्कान*: “भावना” शब्द के प्रयोग पर *धरमलाल कौशिक* और *रामकुमार यादव* के बीच हुई नोकझोंक पर अध्यक्ष रमन सिंह भी मुस्कुराए।
*अध्यक्ष ने दिया समय प्रबंधन का संदेश*
समापन भाषण में *डॉ. रमन सिंह* ने केवल 3 मिनट में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कुछ सदस्यों के लंबे भाषण के कारण 40 सदस्यों को बोलने का अवसर नहीं मिल पाया।
*अन्य प्रमुख बिंदु*
– वित्त मंत्री *ओपी चौधरी* ने प्लास्टिक रिसायकल और प्रदूषण नियंत्रण के लिए नई तकनीक लाने की घोषणा की।
– *सुशांत शुक्ला* ने बिलासपुर के चांटापारा मामले को उठाकर विपक्ष को घेरा।
– अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा में ओपी चौधरी ने वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बताया।

