कोरबा। ग्राम पंचायत कनकी में रोजगार सहायक पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। सरपंच सहित पंचों ने कलेक्टर को शिकायत पत्र देकर रोजगार सहायक को हटाकर नई भर्ती करने की मांग की है। मामले की जांच के लिए दिनांक 13.08.2026 को जांच अधिकारी ग्राम पंचायत कनकी पहुंचे और पूरे मामले की पड़ताल की।
क्या है मामला
ग्राम पंचायत कनकी की सरपंच श्रीमती फूलबाई मांझी वह उपसरपंच हेमलाल राजवाड़े ने दिनांक 29/07/2026 को कलेक्टर कोरबा को पत्र क्रमांक 66 के माध्यम से शिकायत की थी। शिकायत में ग्राम पंचायत कनकी के रोजगार सहायक ललिता रजवाड़े पर आरोप लगाया गया है कि वे लेबर पेमेंट में गड़बड़ी कर अपने लोगों को बिना कार्य किए भुगतान कर रहे हैं।

पत्र में आगे लिखा है कि रोजगार सहायक द्वारा मस्टर रोल भरने, जॉब कार्ड लिस्ट और शासन की योजनाओं की सही जानकारी उच्च अधिकारियों को नहीं दी जा रही है। जानकारी मांगने पर भी टालमटोल किया जाता है। सरपंच ने बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है।
जांच अधिकारी ने क्या कहा
जांच अधिकारी से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि पंचायत में सरपंच, सचिव, सरपंच पति एवं पंचगणों के समक्ष बयान लेकर पंचनामा बनाया जाएगा* और उसे उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट कार्यालय पहुंचने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सरपंच पति और रोजगार सहायक का पक्ष
सरपंच पति से इस बारे में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि पंचायत में पंचनामा और बयान तैयार कर दिए गए हैं। उच्च अधिकारी की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट स्थिति बताई जा सकेगी। उनके बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि सरपंच और पंचों द्वारा हटाने के लिए किए गए आवेदन में टालमटोल कर रोजगार सहायक को यथावत रखने की संभावना है।
इसी संबंध में रोजगार सहायक ललिता राजवाड़े से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मैं अपना बयान दे चुकी हूं ।
ग्रामीणों ने क्या कहा
ग्रामीणों से चर्चा करने पर उन्होंने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि हमारे पंचायत में आए दिन ऐसी शिकायतें होती हैं और टालमटोल कर लेनदेन के बाद मामला रफा-दफा कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि इस बार गंभीर आरोप लगे हैं, अब देखना होगा जांच का परिणाम क्या आता है। यदि रोजगार सहायक को पद से नहीं हटाया गया तो यह समझा जाएगा कि मामले में फिर से टालमटोल किया गया है।
आगे क्या
अब पंचायत भवन में सरपंच, उपसरपंच एवं पंचों के दिए गए बयान और पंचनामा के आधार पर जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि रोजगार सहायक पर क्या कार्रवाई होती है।








