कोरबा।केंद्र की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन कोरबा में कछुए की चाल चल रही है। नतीजा – कलेक्टर *कुणाल दुदावत* का गुस्सा फूट पड़ा।
10 अगस्त को कलेक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने PHE, क्रेडा और जल संसाधन विभाग के अफसरों को खरी-खरी सुनाई। वजह – *हर घर नल का टारगेट लेट, पूर्ण योजनाओं का सत्यापन और भुगतान अटका हुआ*।
कलेक्टर ने मंच से ही चेतावनी दे दी – 31 अगस्त 2026 तक हर घर में नल कनेक्शन का सत्यापन पूरा करो। भुगतान की फाइल लगाओ। देरी हुई तो संबंधित EE और SDO के खिलाफ सीधे कार्रवाई होगी।
कलेक्टर ने क्या-क्या कसा शिकंजा
PHE के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव और SDO को 31 अगस्त की आखिरी तारीख
2. जॉइंट वेरिफिकेशन पूर्ण और हस्तांतरित योजनाओं का संयुक्त सत्यापन हो, ताकि “कागज पर पूर्ण” का खेल बंद हो
3. गांव-गांव का ऑडिट: हर विकासखंड से 1 गांव चुनो। 17 अगस्त तक स्लाइड में टंकी, नल, बिजली, ट्रांसफार्मर और फोटो के साथ रिपोर्ट दो
4. बंद काम शुरू करो: एतमानगर की *मल्टी विलेज स्कीम* जो महीनों से बंद पड़ी है उसे तुरंत चालू करो। निरीक्षण होगा
5. 1 ब्लॉक “हर घर जल”: जिले के एक विकासखंड को सबसे पहले “हर घर जल” घोषित करने टारगेट
बैठक में कौन था
जिला पंचायत CEO प्रतीक जैन क्रेडा के नीलेश श्रीवास्तव जल संसाधन के एस.एल. द्विवेदी समेत सभी विभाग प्रमुख मौजूद रहे।
जमीनी हकीकत
सरकार कहती है 2026 तक हर घर नल। लेकिन कोरबा के कई गांवों में आज भी टंकी सूखी पड़ी है और महिलाएं 2 KM दूर से पानी ढो रही हैं। सत्यापन और भुगतान में देरी से ठेकेदार काम छोड़कर भाग रहे हैं।
अब कलेक्टर के अल्टीमेटम के बाद देखना है कि सिस्टम जागता है या फिर फाइलें फिर से ठंडे बस्ते में चली जाती हैं।

