कोरबा जिले के करतला जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत नोनबिर्रा में रोजगार सहायक की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीण रवि सांडे ने आरोप लगाया है कि जॉब कार्ड बनवाने के लिए छह महीने पहले सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने के बावजूद आज तक उनका जॉब कार्ड नहीं बनाया गया। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना में भी पात्र हितग्राहियों की अनदेखी कर अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीण ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। बता दें कि मनरेगा के तहत जॉब कार्ड जारी करना ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी होती है और शिकायतों के निवारण का प्रावधान भी मौजूद है।
“अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों की जांच कर क्या कार्रवाई करता है।”

