कोरबा, 10 जुलाई। जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र देवपहरी में शिक्षा और संस्कार का संगम देखने को मिला। गुरुवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत यहां गौमुखी सेवाधाम द्वारा संचालित एकलव्य उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे और शाला प्रवेशोत्सव, वेदारंभ संस्कार कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई।
कलेक्टर ने कार्यक्रम की शुरुआत आश्रम परिसर स्थित मां सिद्धिदात्री मंदिर में पूजा कर की। इसके बाद वे हिंगलाजगढ़ स्थित शक्तिपीठ पहुंचे जहां देश के विभिन्न शक्तिपीठों से लाई गई अखंड ज्योति विराजमान है। कामाख्या, वैष्णो देवी, कालका, कामाक्षी और मैहर शारदा की इस पवित्र ज्योति के दर्शन कर उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
इसके बाद कलेक्टर सीधे विद्यालय पहुंचे। उन्होंने कक्षाओं, पुस्तकालय और छात्रावास का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों से खुलकर बातचीत की। गौमुखी सेवाधाम के पदाधिकारियों से भी स्कूल की गतिविधियों को लेकर चर्चा की।
इस मौके पर कलेक्टर ने कहा कि पहाड़ी और वनांचल क्षेत्रों में रह रहे आदिवासी और संरक्षित जनजाति के बच्चों को संस्कार के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना समय की मांग है। गौमुखी सेवाधाम इस दिशा में सराहनीय काम कर रहा है। ऐसी पहल से ही दूरस्थ अंचल के बच्चे भी मुख्यधारा से जुड़कर अपना भविष्य संवार सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत विद्यालय परिसर में पौधा भी लगाया और बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

