कोरबा जिले के छिंदपहरी गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। गांव में पक्की सड़क, स्थायी बिजली और पीने के साफ पानी की सुविधा नहीं है। आदिवासी परिवार मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। बीमार पड़ने पर मरीजों को खाट या कंधे के सहारे कई किलोमीटर दूर ले जाना पड़ता है। सरकारी कागजों में विकास की तस्वीर कुछ और ही दिखाई जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है ¹।
ग्रामीण स्थायी बिजली की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई है। सोलर पैनल लगा है, लेकिन यह उनकी जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहा है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि बिजली और संसाधनों की कमी है।
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