कोरबा, 12 मई 2026: जनपद पंचायत कोरबा के ग्राम पंचायत केराकछार में प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा में बड़े भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दस्तावेजों में आवास पूर्ण दिखाकर पूरी राशि जारी कर दी गई, जबकि जमीन पर कई मकान अधूरे हैं या बने ही नहीं।
भजनसिंह राठिया का मामला:


ग्राम पंचायत केराकछार निवासी हितग्राही भजनलाल का आवास CH 3364174 वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि खाते में पूरी राशि जारी होने के बावजूद आज तक मकान नहीं बना और हितग्राही कच्चे मकान में रहने को मजबूर है।
*सवालों के घेरे में जियो टैगिंग:*
सबसे बड़ा सवाल यह है कि रोजगार सहायक, आवास मित्र और जिम्मेदार अधिकारियों ने किस आधार पर जियो टैगिंग कर आवास को पूर्ण बताया। सूत्रों के मुताबिक पंचायत में कई ऐसे मामले हैं जहां कागजों में निर्माण पूरा दिखाकर राशि आहरित कर ली गई।
*जांच की मांग:*
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जिला प्रशासन गंभीरता से जांच कराए तो बड़े स्तर पर अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है।
*अधिकारी मौन:*
मामले में पक्ष जानने के लिए संबंधित कर्मचारी को फोन किया गया, लेकिन जवाब नहीं मिला। रोजगार सहायक से भी संपर्क नहीं हो सका।

