*1. भ्रष्टाचार पर सख्ती*
– गांव के विकास का पैसा खाने वाले सरपंच, सचिव, ठेकेदार पर सीधे FIR करो – SDM को आदेश।
– कलेक्टर का साफ संदेश: शासकीय राशि का दुरुपयोग किसी हाल में बर्दाश्त नहीं।
*2. शिक्षा विभाग*
– नए सत्र से पहले सभी अधूरे स्कूल भवन पूरे करो।
– PWD के EE, SDO, उप अभियंता को लापरवाही पर शोकॉज नोटिस।
– किताब-गणवेश का वितरण सत्र शुरू होने से पहले पूरा करो।
– स्कूल/आंगनबाड़ी/स्वास्थ्य केंद्र बनाते समय बोरिंग का प्रावधान स्टीमेट में ही जोड़ो।
*3. राशन और पेंशन*
– 30 जून तक हर राशन दुकान में खाद्यान्न भंडारण पूरा हो।
– 1 से 10 जुलाई तक चावल वितरण करो।
– 60+ वृद्ध और विधवा जो पेंशन से वंचित हैं, उनका सर्वे कर सूची बनाओ। जिला पंचायत CEO और निगम आयुक्त को जिम्मेदारी।
*4. कृषि*
– मानसून से पहले खाद-बीज भंडारण और वितरण में तेजी लाओ। कम प्रगति पर कलेक्टर नाराज।
– किसानों से समन्वय कर वितरण बढ़ाओ। एग्रिस्टैक में बचे किसानों का काम पूरा करो।
5. योजनाएं
– PM स्वनिधि में लापरवाही पर कोरबा जनपद CEO और कटघोरा CMO को नोटिस।
– PM आवास 2.0, PM जनमन आवास, PM सूर्यघर, PM इंटर्नशिप, कौशल विकास, आभा ID, वंदन योजनाओं में प्रगति लाओ।
– सभी निर्माण कार्यों की जानकारी “निर्माण पोर्टल” में दर्ज करो।
6 शिकायत निवारण
– PMO, CM जनदर्शन, मानवाधिकार, कलेक्टर जनदर्शन के सभी लंबित केस जल्दी निपटाओ।
– सुशासन तिहार के आवेदन समय पर गुणवत्तापूर्ण निराकरण करो और आवेदक को सूचित करो।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने गबन, निर्माण में देरी और योजना में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस दिखाया। नोटिस, शोकॉज और FIR तक के निर्देश दिए। मानसून और नए शिक्षा सत्र को देखते हुए 30 जून की डेडलाइन तय की है।

