आवास मित्र सपूरन सिंह राठिया (आईडी क्रमांक CH137304827) के नाम पर दर्ज आवास को भी रिकॉर्ड में पूर्ण बताया गया है 
कोरबा। जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत ग्राम पंचायत मदनपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन को लेकर एक बार फिर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों और जमीनी पड़ताल में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो योजना के संचालन और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करते है।
मीडिया टीम द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण में पाया गया कि हितग्राही सरस्वती बाई पिता समे लाल (आईडी क्रमांक CH116155295) का आवास अभी भी अधूरा है। इसके बावजूद विभागीय रिकॉर्ड में मकान को पूर्ण दर्शाते हुए 2 मार्च 2026 को पूरी राशि जारी किए जाने का उल्लेख किया गया है।
इसी प्रकार आवास मित्र सपूरन सिंह राठिया (आईडी क्रमांक CH137304827) के नाम पर दर्ज आवास को भी रिकॉर्ड में पूर्ण बताया गया है, जबकि जमीनी स्थिति कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। स्थानीय स्तर पर मकान का निर्माण कार्य अभी अधूरा दिखाई दे रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती गई है। अधूरे निर्माण कार्यों की जियो टैगिंग कर उन्हें पूर्ण दर्शाने और भुगतान जारी करने की प्रक्रिया पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल योजना की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न है, बल्कि पात्र हितग्राहियों के अधिकारों से भी जुड़ा गंभीर मामला है।
गौरतलब है कि मदनपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित अनियमितताओं का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इसी तरह के आरोपों को लेकर दो समाचार प्रकाशित किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। लगातार तीसरी बार सामने आए आरोपों ने विभागीय कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले में संबंधित पक्ष का पक्ष जानने के लिए ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इस कारण उनका पक्ष समाचार में शामिल नहीं किया जा सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि दस्तावेजों और जमीनी हकीकत में दिखाई दे रहे अंतर की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? क्या जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे, या फिर शिकायतें और सवाल केवल फाइलों तक सीमित रह जाएंगे?

