*अंबिकापुर/दिल्ली*: धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों को अनुसूचित जनजाति की सूची से बाहर करने की मांग को लेकर देशभर के आदिवासी 24 मई को दिल्ली कूच करेंगे। जनजाति सुरक्षा मंच के बैनर तले लाल किला मैदान में ‘महा गर्जना रैली’ का आयोजन किया जा रहा है।
*रैली की प्रमुख बातें*:
– *मुद्दा*: धर्म परिवर्तन कर ईसाई और मुस्लिम बन चुके परिवारों को आदिवासी आरक्षण का लाभ मिलने का विरोध। मंच का कहना है कि आदिवासी परंपरा छोड़ने वालों को ST आरक्षण नहीं मिलना चाहिए। इसे ‘डीलिस्टिंग’ की मांग कहा जा रहा है।
– *पैमाना*: 22 राज्यों से 5 लाख से अधिक आदिवासियों के जुटने का दावा। अकेले सरगुजा संभाग से 5000 से ज्यादा आदिवासी दिल्ली पहुंचेंगे।
– *मुख्य अतिथि*: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सभा में शामिल होने की संभावना है।
– *आगे की रणनीति*: रैली के बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपकर आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा और मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की जाएगी।
*क्या बोले नेता*:
जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक बिहारी लाल तिर्की ने कहा कि वर्षों से आदिवासी अपने हक के लिए आंदोलनरत हैं। धर्म बदलने के बाद भी आरक्षण का लाभ लेना मूल आदिवासियों के साथ अन्याय है।
सदस्य बंशी धर उरांव ने बताया कि यह रैली आदिवासियों की अस्मिता बचाने के लिए है। धर्मांतरण के कारण मूल आदिवासी संस्कृति खतरे में है और आरक्षण का लाभ वास्तविक हकदारों को नहीं मिल पा रहा।
जनजाति सुरक्षा मंच का यह आंदोलन पिछले कई सालों से चल रहा है। मंच का आरोप है कि धर्मांतरित लोगों के कारण वास्तविक आदिवासियों को शिक्षा और नौकरी में मिलने वाला आरक्षण का लाभ कम हो रहा है।

