कोरबा, 1 अक्टूबर। ग्राम पंचायत तिलकेजा में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में वित्तीय अनियमितता के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन ने पांच संविदा अधिकारी-कर्मचारियों की सेवा तत्काल समाप्त कर दी है, जबकि 6 आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ उरगा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
क्या है मामला
ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत की थी कि तिलकेजा में 48 अपात्र लोगों के नाम पर आवास स्वीकृत किए गए। हितग्राहियों की किश्त की राशि उनके खातों में न भेजकर दूसरे लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई। यहां तक कि मृत व्यक्तियों के नाम पर भी किश्त जारी कर राशि निकाल ली गई।
कारण बताओ नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर पांचों को बर्खास्त कर दिया गया। तत्कालीन पंचायत सचिव को पहले ही निलंबित किया जा चुका है और विभागीय जांच जारी है।
शिकायत पर जिला स्तरीय जांच समिति द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर देवानंद श्रीवास (विकासखण्ड समन्वयक), अभिषेक चौरसिया (तकनीकी सहायक), ध्रुव कुमार साहू (डाटा एंट्री ऑपरेटर), धनंजय पटेल (कम्प्यूटर ऑपरेटर) रामेश्वरी कँवर (आवास मित्र) व श्रीमती नमीता दुबे (पंचायत सचिव) के विरुद्ध गलत मंशे से असंबंद्ध व्यक्तियों के खातें में राशि हस्तांतरण करने का आरोप सिद्ध पाया गया है। इनके सहित व अन्य के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के आवेदन उपरांत अपराध क्रमांक 0536/26 पर इनके सहित अन्य पर धारा 3(5), 316(5), 318(4)-BNS का जुर्म दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
प्रशासन ने कहा है कि पीएम आवास योजना में पारदर्शिता और पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की गई है।








