कोरबा/बिलासपुर, 11 सितंबर 2026 (करतला टाइम्स)। छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी के लिए बैंक खातों को किराए पर देने वाले बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस ने छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के 2 खातों में हुए 2.32 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन के मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें कोरबा का आशीष तिवारी भी शामिल है।
आरोपी 20 से 25 हजार रुपये कमीशन लेकर अपने खाते ठगों को बेच देते थे, जिनसे 12 राज्यों में करीब 4 करोड़ की ठगी की गई है।
बैंक को लगा शक, फिर हुई FIR
छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, शाखा मंगला की मैनेजर आरती कुरील ने देखा कि दो खातों में एक महीने के भीतर करोड़ों का लेनदेन हो रहा है।
सांवरिया इंटरप्राइजेज* के खाते में 12.11 लाख का ट्रांजेक्शन
-अजय फार्म हाउस (अजय सोनी, तखतपुर)*के खाते में 18 मई से 12 जून 2026 के बीच 2,20,68,443 रुपये* का लेनदेन
बैंक की शिकायत पर रेंज साइबर थाने में FIR दर्ज हुई।
कमीशन का खेल – 6 गिरफ्तार
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ये सभी *म्यूल अकाउंट* थे।
*1. अजय कुमार सोनी (तखतपुर) -* फर्म के नाम पर खाता खोलकर गिरोह को दिया।
*2. अभिलाष डेनियल उर्फ चिंटू (मुंगेली) -* 20 हजार लेकर लोगों को खाता खुलवाने के लिए तैयार करता था।
*3. भास्कर कश्यप (मंगला) -* 20 हजार के लालच में खाता खुलवाया।
*4. नरेन्द्र कुर्रे (सक्ती) – मास्टरमाइंड -* 2.8% कमीशन पर पूरे प्रदेश में खातों की व्यवस्था करता था।
*5. आशीष तिवारी (कोरबा) -* नरेन्द्र के कहने पर खाता उपलब्ध कराकर 25 हजार कमीशन लिया।
*6. देवेश दास उर्फ रोबिन (रायपुर) -* खातों के मोबाइल में फ्रॉड एप इंस्टॉल कर ठगों को देता था।
पुलिस ने लैपटॉप, पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल जब्त किए हैं। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।








