कोरबा, 29 जून 2026 तिलकेजा क्षेत्र के जनपद सदस्य किशन कोशले ने संत कबीर दास जयंती पर समस्त जिलेवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कबीर केवल संत नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे जिन्होंने पाखंड पर प्रहार कर इंसानियत का पाठ पढ़ाया।
किशन कोशले ने अपने वक्तव्य में कहा, “संत कबीर ने जात-पात, ऊंच-नीच और आडंबर से ऊपर उठकर सत्य की बात की। उनके दोहे आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने 600 साल पहले थे।” उन्होंने कबीर के जीवन को सामाजिक एकता और आत्म-शुद्धि का प्रतीक बताया।
इस मौके पर उन्होंने कबीर का चर्चित दोहा साझा किया:
“माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर,
कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर।”
किशन कोशले ने समझाया कि कबीर ने हमेशा बाहरी दिखावे की बजाय मन की निर्मलता पर जोर दिया। उनका दर्शन हमें सिखाता है कि ईश्वर मंदिर-मस्जिद में नहीं, बल्कि सच्चे मन और नेक कर्म में बसता है।
उन्होंने क्षेत्र के युवाओं से विशेष अपील की कि कबीर के विचारों को पढ़ें, समझें और अपने व्यवहार में लाएं। “अगर हम भेदभाव भूलकर कबीर के रास्ते पर चलें तो समाज से नफरत अपने आप खत्म हो जाएगी,” कोशले ने कहा।

अंत में जनपद सदस्य किशन ने सभी नागरिकों से संत कबीर जयंती को केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्म-मंथन का दिन बनाने की अपील की।


