कोरबा जिले की ग्राम पंचायत सरगबुंदिया में पिछले 5 सालों में हुए विकास कार्यों की हकीकत अब सरकारी जांच में सामने आएगी। उप सरपंच और ग्रामीणों की शिकायत पर जनपद पंचायत कोरबा ने सख्त रुख अपनाते हुए पंचायत सचिव को नोटिस जारी कर दिया है।
जांच अधिकारी जयश्री अग्रवाल ने 25 जून को जारी पत्र क्र. 1252 में साफ कहा है कि वर्ष 2020-25 के बीच स्वीकृत 7 बड़े निर्माण कार्य अधूरे हैं, जबकि इनके लिए लाखों की राशि सरपंच द्वारा आहरित की जा चुकी है। सचिव को 3 दिन के अंदर सभी दस्तावेज जांच अधिकारी के सामने पेश करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
किन कामों पर उठे सवाल, कितना पैसा निकला
1 सबमर्सिबल पंप स्थापना 2021-22 ₹2,00,000 40% अग्रिम सरपंच को मिला
2 बेमन तालाब से रेलवे स्टेशन CC रोड – सांसद मद पूरी राशि आहरित
3 सामुदायिक शौचालय 2021-22 ₹3,50,000 अग्रिम राशि आहरित
4 पानी टंकी-बोर स्थापना 2023-24 ₹5,00,000 ₹2,00,000 अग्रिम मिला
5 केवट घर से अमरसिंह घर CC रोड 2024-25 ₹6,00,000 खनिज न्यास मद से अग्रिम लिया
6 पानी टंकी-बोर स्थापना 2023-24 ₹2,00,000 40% राशि आहरित
7 वार्ड-18 गेट निर्माण 2024-25 – एन.एस. से राशि प्राप्त
कुल ₹18.5 लाख+ की राशि का हिसाब मांगा गया है।
प्रशासन ने मांगे ये दस्तावेज: सभी 7 कामों की प्रशासनिक-तकनीकी स्वीकृति, कैशबुक, बिल-वाउचर, जियोटैग फोटो, पंचायत कार्यवाही पंजी।

कागज में काम पूरा, जमीन पर गड्ढे। पैसा निकला पर शौचालय-टंकी कहीं नहीं दिखती।” तत्कालीन और वर्तमान सरपंच दोनों जांच के दायरे में हैं।
आगे क्या: दस्तावेज जांच के बाद तय होगा कि विकास हुआ या सिर्फ कागजी खानापूर्ति। गड़बड़ी मिली तो रिकवरी और FIR तक की कार्रवाई हो सकती है।


