कोरबा, 30 मई 2026
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले में किसानों को रासायनिक उर्वरक की सुचारु और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सहकारी समिति प्रबंधकों और निजी उर्वरक विक्रेताओं की बैठक ली। उन्होंने खाद भंडारण और बिक्री में नियमों का कड़ाई से पालन करने और अनियमितता पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश:
1.पारदर्शी वितरण: किसानों को शासन द्वारा निर्धारित मात्रा में, निर्धारित मूल्य पर, पूरी पारदर्शिता के साथ खाद दें। पंजीकृत किसानों से संपर्क कर अग्रिम खाद उठाव को बढ़ावा दें।
2.सख्त निगरानी: कृषि विभाग और जिला उर्वरक नियंत्रण दल नियमित-आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। POS मशीन स्टॉक और भौतिक स्टॉक में अंतर, अधिक दाम पर बिक्री, बिना लाइसेंस वितरण, अनुदान खाद का दुरुपयोग पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
3.निजी विक्रेताओं के लिए सख्ती:* अवैध जमाखोरी, कालाबाजारी या टैगिंग-जबरन बिक्री पर लाइसेंस निरस्त/निलंबित होगा। POS में दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक का नियमित मिलान रखें।
4. वितरण व्यवस्था: सीमांत किसानों को यूरिया 80% और DAP 60% एकमुश्त, लघु किसानों को यूरिया 2 किश्त, बड़े किसानों को 3 किश्त में दें, ताकि खरीफ 2026 में खाद की कमी न हो।
5.कंट्रोल रूम: किसानों की शिकायत और सहायता के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है। सभी समितियों में हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करें। समितियों में उपलब्ध खाद का स्टॉक भी बोर्ड पर दिखाएं।
6.आधार सीडिंग: धान खरीदी 2025-26 के पंजीकृत किसानों की किसान पुस्तिका और भू-अधिकार पुस्तिका धारकों की URD सूची में शत-प्रतिशत आधार सीडिंग करें।
कलेक्टर ने कहा – “किसानों को समय पर पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण खाद देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।”
बैठक में उप संचालक कृषि डीपीएस कंवर, उप पंजीयक सहकारिता एम मिंज, DMO ऋतुराज देवांगन, सहायक नोडल मुकेश कुमार पटेल सहित सभी समिति प्रबंधक और निजी खाद विक्रेता मौजूद रहे।

