*कोरबा।* कोरबा जिले के आदिवासी क्षेत्र में सहकारी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए 19वीं आदिम जाति जिला सहकारी समिति का विधिवत गठन किया है। इसके साथ ही कोरकोमा सहकारी समिति से अलग कर चचिया को स्वतंत्र सहकारी समिति का दर्जा दे दिया गया है।
नई समिति के गठन से अब आदिवासी किसानों को खाद, बीज और धान खरीदी जैसी सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। चचिया क्षेत्र के किसानों की लंबे समय से अलग सहकारी समिति की मांग थी, जिसे अब पूरा किया गया है।
उद्घाटन समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित होकर नई समिति का विधिवत शुभारंभ किया। अधिकारियों ने बताया कि नई समिति के माध्यम से चचिया और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के आदिम जाति वर्ग के किसानों को शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा और धान खरीदी प्रक्रिया भी सुगम होगी।
कोरबा जिले में पहले से 18 सहकारी समितियां संचालित थीं, जिनके जरिए जिले के 41 केंद्रों में धान खरीदी का कार्य होता है। 19वीं समिति के जुड़ने से जिले में सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है, जिससे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सहकारिता का दायरा और विस्तार होगा।
स्थानीय किसानों ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे समय और परिवहन की बचत होगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही सरकारी समर्थन मूल्य पर धान बेचने की सुविधा मिलेगी।


