1076 टोल-फ्री नंबर पर कॉल, ऐप या व्हाट्सएप से भी होगी शिकायत, समय पर समाधान नहीं तो अफसर जवाबदेह_
*कोरबा। आम लोगों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली” जल्द कोरबा में शुरू होगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
*कैसे काम करेगी सीएम हेल्पलाइन*
कलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप शुरू हो रही यह हेल्पलाइन 24 घंटे, सातों दिन काम करेगी। कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर *1076* पर कॉल कर, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप या व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा।
शिकायत दर्ज होते ही शिकायतकर्ता को एक *विशिष्ट पहचान संख्या* मिलेगी। इससे वह ट्रैक कर सकेगा कि शिकायत किस विभाग, किस अधिकारी के पास है, क्या कार्रवाई हुई और समाधान में कितना समय लगेगा।
*”संतुष्टि नहीं तो बंद नहीं होगी शिकायत”*
कलेक्टर दुदावत ने साफ किया कि समाधान के बाद नागरिक से फीडबैक लिया जाएगा। अगर शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हुआ तो शिकायत स्वतः फिर सक्रिय हो जाएगी। पूरी व्यवस्था की रियल टाइम मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और वरिष्ठ अधिकारी करेंगे।
*अधिकारियों को सख्त निर्देश*
1. सभी विभाग प्रमुख अपने कार्यालय में पोर्टल संचालन के लिए एक कर्मचारी को नामित करें।
2. पोर्टल से मिले हर आवेदन का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें।
3. जिला शिकायत शाखा में अलग से “सीएम हेल्पलाइन प्रकोष्ठ” तैयार किया जाए।
4. नागरिकों की समस्या का समाधान और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ देना सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।
कलेक्टर ने कहा कि यह तकनीक आधारित सिस्टम है। हर स्तर पर अफसर की जवाबदेही तय होगी। शिकायतों का अनावश्यक लंबित रहना अब संभव नहीं होगा।
*बैठक में ये रहे मौजूद*
बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, वनमण्डलाधिकारी कुमार निशांत, निगमायुक्त आशुतोष पाण्डेय, DFO प्रेमलता यादव, जिला पंचायत CEO दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत संचालित यह प्रणाली नागरिकों को एकीकृत, सुलभ और विश्वसनीय माध्यम देगी। इससे प्रशासन और अधिक जवाबदेह व पारदर्शी बनेगा।

