5 से बढ़कर 16 बेड का हुआ वार्ड, रोज 10 मरीज पहुंच रहे ओपीडी में
// सेवा की कहानी //
कोरबा, 27 सितंबर। स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के संबद्ध चिकित्सालय में कैंसर मरीजों को अब बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ रही। यहाँ वर्ष 2024 से कैंसर की पहचान और उपचार की सुविधा शुरू की गई है।
वर्तमान में ओपीडी में रोज 8 से 10 मरीज परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने वार्ड की क्षमता बढ़ाई है। जनवरी 2024 में 5 बिस्तरों से शुरू हुआ वार्ड जनवरी 2026 तक बढ़कर *16 बिस्तर* का हो गया है।
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक कुल *900 मरीजों को कीमोथेरेपी* दी जा चुकी है। यहाँ ओरल और टारगेटेड कीमोथेरेपी के साथ-साथ कीमो से होने वाली जटिलताओं का भी उपचार किया जाता है।
यहाँ मुंह, फेफड़े, स्तन कैंसर के अलावा लिम्फोमा, सारकोमा और बच्चेदानी के कैंसर के मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। बायोप्सी से जांच और स्तन व बच्चेदानी कैंसर की सर्जरी भी यहीं की जा रही है।
डॉक्टरों के मुताबिक सबसे ज्यादा मरीज *मुंह के कैंसर* के आ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण तंबाकू और गुटखा का सेवन है। जागरूकता के लिए कॉलेज में समय-समय पर सेमिनार भी आयोजित किए जाते हैं।
उपचार में रेडियोथेरेपी विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. उपासना सिन्हा, जूनियर रेजिडेंट डॉ. सोनू साहू और नर्सिंग स्टाफ का विशेष योगदान है।








