कोरबा/हरदीबाजार। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति उतरदा (हरदीबाजार, तह. पाली) में धान खरीदी के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है। जांच में 8,82,685 रुपए की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई है, जबकि शिकायतकर्ता अरुण कुमार राठौर ने करीब 25 लाख के गबन का आरोप लगाया था।
जांच दल में संतोष कुमार कंवर (दल प्रभारी), सुभद्रा सिदार और भूपेन्द्र साहू शामिल थे। जांच में तत्कालीन प्रबंधक तुलाराम यादव, पर्यवेक्षक जमाल खान और जिला सहकारी बैंक हरदीबाजार शाखा प्रबंधक अजय साहू प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं।
जांच में क्या-क्या निकला
1. निजी खाते में ट्रांसफर: समिति के खाते से 3,79,511 रुपए सीधे प्रबंधक तुलाराम यादव के व्यक्तिगत खाते में भेज दिए गए, जिसका कोई हिसाब नहीं।
2. हमाली के नाम पर बंदरबांट: धान खरीदी में हमाली, तौलाई, बारदाना, स्टैकिंग जैसे मदों में 26,12,688 रुपए का भुगतान दिखाया गया, जो शासन के मानक से 3,74,374 रुपए ज्यादा है।
3. अनिवार्य खाते से निकासी: समिति के अनिवार्य अमानत खाते से नियम विरुद्ध 1,20,000 रुपए निकाल लिए गए, बिना किसी स्वीकृति के।
4. किसानों के पैसे में हेरफेर: बोईदा के दो किसानों की 5,000 रुपए हिस्सा अमानत राशि समय पर जमा नहीं की गई, साथ ही 3,800 रुपए की विसंगति भी मिली।
कार्रवाई कहां अटकी
उप आयुक्त सहकारिता कोरबा ने 10 जुलाई 2026 को कलेक्टर को पत्र लिखकर वसूली की सिफारिश की। इसके बाद 16 जुलाई को संयुक्त आयुक्त बिलासपुर ने जिला सहकारी बैंक CEO को पत्र जारी कर तीनों दोषियों पर कठोर सेवा कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जांच दल ने धारा 58(बी) के तहत विशेष ऑडिट की भी अनुशंसा की है।
अब देखना है कि लाखों के इस घोटाले पर असल कार्रवाई कब होती है।








