सुशासन तिहार शिविर बरपाली में भी मदनपुर के कई हितग्राही शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने आवास योजना और पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता की मांग करते हुए जांच की मांग उठाई।
कोरबा। जनपद पंचायत कोरबा के अंतर्गत वनांचल क्षेत्र की ग्राम पंचायत मदनपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा कार्यों को लेकर उठे सवाल अब और गंभीर होते जा रहे हैं। हमारी मीडिया टीम द्वारा पूर्व में प्रकाशित खबर के बाद लगातार नए तथ्य और शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे पंचायत में बड़े स्तर पर अनियमितताओं की आशंका गहरा गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई आवासों में तीन-तीन किश्तों की राशि जारी हो चुकी है, लेकिन मकान आज भी अधूरे पड़े हुए हैं। वहीं कुछ हितग्राहियों का कहना है कि उन्हें दूसरी किश्त तक जारी नहीं की जा रही है और पंचायत स्तर पर शासन के खाते में राशि नहीं होने का हवाला दिया जाता है।
मदनपुर पंचायत में वर्ष 2024-25 के दौरान लगभग 108 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए थे। आरोप है कि कई मामलों में जियो टैगिंग और भुगतान प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि कागजों में प्रगति दिखाकर राशि का आहरण किया गया, जबकि जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य अधूरा है।
सुशासन तिहार शिविर बरपाली में भी मदनपुर के कई हितग्राही शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने आवास योजना और पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता की मांग करते हुए जांच की मांग उठाई।
मामले में रोजगार सहायक की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि आवास निर्माण कार्यों में ठेकेदारी शैली अपनाई गई और कई निर्णय हितग्राहियों की सहमति के बिना लिए गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि न्यूज़ कवरेज के दौरान मनरेगा से जुड़े अधिकारी और इंजीनियर गांव पहुंचे जरूर, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार कार्यस्थलों का निरीक्षण करने के बजाय वे सरपंच के घर में बैठे नजर आए। मीडिया टीम के पहुंचते ही उनके वहां से रवाना होने की चर्चा भी गांव में बनी हुई है।
हमारी मीडिया टीम लगातार इस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। दस्तावेजों, हितग्राहियों की शिकायतों और जमीनी हकीकत के आधार पर आने वाले दिनों में कई और खुलासे सामने आ सकते हैं। सूत्रों की मानें तो पंचायत में हुए कथित फर्जीवाड़े और उसे संरक्षण देने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
हालांकि अब तक पूर्व में प्रकाशित खबरों पर कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है, लेकिन जनपद पंचायत कोरबा के सीईओ ने स्पष्ट कहा है कि शिकायतों के आधार पर नोटिस जारी कर जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएग

*मदनपुर फर्जीवाड़ा पार्ट-2 की यह सिर्फ शुरुआत है। हमारी टीम इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार पड़ताल कर रही है। अगले खुलासे में सामने आ सकते हैं कुछ और बड़े नाम और कई चौंकाने वाले तथ्य।*


