कोरबा, 25 मई 2026। इस खरीफ सीजन में किसानों को पिछले साल की तुलना में कम यूरिया-DAP मिलेगी। शासन ने खाद वितरण के नए मापदंड तय कर दिए हैं।
यूरिया-DAP की किल्लत से बचने का प्लान, नैनो और वैकल्पिक खाद पर जोर
खरीफ 2025 में जिस किसान को जितनी यूरिया मिली थी, इस बार उसकी 80% मात्रा ही मिलेगी। DAP की 60% मात्रा दी जाएगी। बाकी 20% यूरिया नैनो यूरिया के रूप में और 40% DAP नैनो DAP या NPK खाद के रूप में मिलेगी।
किसको कितनी किश्त में मिलेगी खाद:
1. सीमांत किसान 2.5 एकड़ तक: पूरी खाद एकमुश्त।
2. लघु किसान 2.5 से 5 एकड़: यूरिया 2 किश्त में।
3. बड़े किसान 5 एकड़ से ऊपर: यूरिया 3 किश्त में। दूसरी किश्त पहली के 20 दिन बाद, तीसरी दूसरी के 20 दिन बाद।
बोरी की गिनती का नियम: पिछले साल मिली बोरियों का 80% यूरिया और 60% DAP मिलेगा। अगर हिसाब 7.2 बोरी आए तो 7 बोरी, 7.8 आए तो 8 बोरी मानी जाएगी।
विभाग ने किसानों से अपील की है कि DAP की जगह SSP, TSP, NPK जैसे वैकल्पिक खाद का इस्तेमाल करें। इससे यूरिया की खपत कम होगी और फसल को संतुलित पोषण मिलेगा। समितियों में ढेंचा, मूंग बीज का भंडारण शुरू हो गया है। नील हरित काई, एजोस्पिरिलियम, PSB जैसे जैव उर्वरक को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
उप संचालक कृषि ने सलाह दी है कि किसान जरूरत से ज्यादा खाद न खरीदें। इंदिरा गांधी कृषि विवि की सिफारिश के अनुसार फसल और रकबे के हिसाब से ही खाद उठाएं।

