*रायपुर, 20 मई 2026*: छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्यपाल रमेन डेका ने आज बड़े फैसले लिए। लोकभवन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के MD विवेक आचार्य से मुलाकात के दौरान उन्होंने चित्रकूट, गंगरेल और बूका जलाशय को प्राथमिकता पर विकसित करने के निर्देश दिए।
*1. मुख्य निर्देश और फोकस क्षेत्र*
राज्यपाल ने 3 पर्यटन स्थलों पर विशेष जोर दिया:
– *बस्तर – चित्रकूट जलप्रपात*: भारत का नियाग्रा कहे जाने वाले इस जलप्रपात में बुनियादी सुविधाएं बढ़ेंगी। टूरिस्टों की संख्या सालाना 5 लाख से ज्यादा है।
– *धमतरी – गंगरेल बांध*: महानदी पर बने इस बांध में वाटर स्पोर्ट्स और रिसॉर्ट सुविधाएं बढ़ाने पर चर्चा।
– *कोरबा – बूका जलाशय*: यहां क्रूज सेवा शुरू करने का बड़ा सुझाव। राज्यपाल ने कहा इससे कोरबा को नई पर्यटन पहचान मिलेगी।
*2. वरिष्ठ नागरिकों का खास ध्यान*
राज्यपाल ने साफ कहा कि पर्यटन स्थलों को बुजुर्गों के लिए फ्रेंडली बनाया जाए। इसमें शामिल हैं:
– व्हीलचेयर और रैंप की सुविधा
– आराम करने के लिए शेड और बेंच
– आसान आवागमन के लिए बैटरी गाड़ियां
*3. क्यों जरूरी हैं ये बदलाव*
छत्तीसगढ़ में पर्यटन से रोजगार की बड़ी संभावना है। बस्तर और कोरबा जैसे आदिवासी क्षेत्रों में टूरिज्म बढ़ने से स्थानीय हस्तशिल्प, होम-स्टे और गाइड्स को सीधा फायदा होगा। क्रूज सेवा शुरू होने से बूका जलाशय गोवा-केरल की तर्ज पर वाटर टूरिज्म डेस्टिनेशन बन सकता है।
*अगला कदम*: पर्यटन मंडल अब इन निर्देशों पर DPR तैयार करेगा। मानसून के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है।

