*कोरबा, 7 मई 2026।* कोरबा विकासखंड की ग्राम पंचायत पतरापाली में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर मनरेगा के तहत बन रहे पशु शेड तक, हर जगह गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं। कागजों में काम पूरे दिखाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
आवास योजना: कागज में पूर्ण, जमीन पर अधूरे
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में कई आवासों को रिकॉर्ड में पूर्ण दिखा दिया गया है, लेकिन मौके पर मकान अब भी अधूरे पड़े हैं। कुछ निर्माण इतने पुराने हो चुके हैं कि पूरा होने से पहले ही जर्जर होकर ढहने की कगार पर हैं।
आवास मित्र हितग्राहियों से घर-घर जाकर मकान पूरा कराने की मिन्नत कर रहे हैं। लेकिन लाभार्थियों का कहना है कि किस्त का पैसा समय पर न मिलने और आर्थिक तंगी के कारण वे निर्माण आगे नहीं बढ़ा पा रहे। सवाल उठ रहा है कि जब मकान बन ही नहीं रहे तो गरीबों को योजना का लाभ कैसे मिलेगा?
पशु शेड निर्माण में भी धांधली का आरोप
पंचायत के आश्रित गांवों में मनरेगा के तहत बने पशु शेड की गुणवत्ता पर भी सवाल हैं। ग्रामीणों ने रोजगार सहायक राजू राठिया पर सीधे आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण जनपद के कर्मचारियों के साथ मिलकर कराया जाता है, पर हितग्राहियों को यह जानकारी तक नहीं दी जाती कि खाते में कितनी राशि आई और कितनी खर्च हुई।

निर्माण कार्य में सामने आई खामियां:
– *कई शेड बिना प्लास्टर* के ही छोड़ दिए गए
– *अधिकांश जगह कोटिंग नहीं* की गई
– *अधूरे निर्माण की ही जियोटैगिंग* कर दी गई
*मनरेगा मजदूरों का भुगतान अटका*
ग्रामीणों ने बताया कि मनरेगा के तहत किए गए काम का भुगतान महीनों से लंबित है। मजदूरी न मिलने से कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। रोजगार सहायक की कार्यशैली को लेकर गांव में नाराजगी बढ़ रही है।
*जिम्मेदार ने साधी चुप्पी*
जब इस मामले में रोजगार सहायक राजू राठिया से पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने व्यस्तता का हवाला देकर बात करने से इनकार कर दिया। जिम्मेदारों की चुप्पी से सवाल और गहरे हो गए हैं।µ
*ग्रामीणों ने की जांच की मांग*
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जिला प्रशासन निष्पक्ष जांच कराए तो पंचायत में चल रहे भ्रष्टाचार की कई परतें खुल सकती हैं। वनांचल क्षेत्र के भोले-भाले ग्रामीणों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है।
फिलहाल ग्रामीण प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।








